: वल्लभ नगर की झुग्गियों से उठी पुकार, कांग्रेस सचिव पहुँचे SDM दरबार
Barkat Qureshi / Mon, Jun 23, 2025 / Post views : 231
वल्लभ नगर की झुग्गियों से उठी पुकार, कांग्रेस सचिव पहुँचे SDM दरबार
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से सहमे रहवासी,
“मानवता सर्वोपरि है, बारिश में बेघर न करें” – उत्तमपाल सिंह
संवाददाता ईस्हाक गौरी मूंदी
नगर परिषद मूंदी द्वारा वल्लभ नगर में अतिक्रमण हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर रहवासियों में भारी भय और असमंजस की स्थिति है। नगर परिषद द्वारा जारी नोटिसों के बाद सोमवार को दर्जनों प्रभावित नागरिक कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंवर उत्तमपाल सिंह पुरनी के नेतृत्व में पुनासा SDM शिवम प्रजापति से मिले और राहत की मांग की।
वैध पट्टाधारकों को नहीं हटाया जाएगा
SDM श्री शिवम प्रजापति ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा—
“जिनके पास वैध पट्टे हैं और वे स्वयं या उनके परिवारजन वहाँ रह रहे हैं, उन्हें नहीं हटाया जाएगा। लेकिन जिन लोगों ने दूसरों के नाम के पट्टे खरीदकर वहां मकान या दुकान बना ली है, वह नियम के खिलाफ है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
श्री प्रजापति ने कहा कि भौतिक एवं दस्तावेजीय सत्यापन के बाद ही कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी वैध पट्टाधारी के साथ अन्याय न हो।
बारिश के बीच बेदखली अमानवीय – कांग्रेस
कांग्रेस सचिव कुंवर उत्तमपाल सिंह ने SDM से आग्रह किया कि—
“हम प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण भी जरूरी है। मानसून शुरू हो चुका है, ऐसे में सैकड़ों परिवारों को उजाड़ना क्रूरता होगी। पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई — यही न्यायसंगत तरीका है।”
झुग्गीवासियों की आंखों में आंसू, हाथों में दस्तावेज़
रहवासियों ने SDM को अपने पट्टे, कब्जा प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और वर्षों की रसीदें बताते हुए निवेदन किया कि—
“हम गरीब हैं। बरसात में घर से निकालेंगे तो कहाँ जाएं? हमारे बच्चे, बुज़ुर्ग, महिलाएं – सबका जीवन संकट में आ जाएगा।”
वार्डवासियों का साथ
इस मौके पर वार्ड पार्षद आशीष गौरख, सलीम गौरी, सुनील तिवारी सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से प्रशासन से मानवीय संवेदना और न्यायपूर्ण कार्रवाई की अपील की।
मानवता हो प्राथमिकता: कांग्रेस
कांग्रेस नेता उत्तमपाल सिंह ने प्रशासन से अपील की कि—
“हम अतिक्रमण हटाने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यह कार्य बरसात के बीच न किया जाए। अगर करना आवश्यक हो, तो मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यहाँ वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों को एक झटके में बेघर करना क्रूरता होगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि—
“नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों को जनता के हित में काम करना चाहिए, न कि भूमाफियाओं की मदद कर गरीबों पर कार्रवाई करवानी चाहिए।”
संवाददाता ईस्हाक गौरी मूंदी
नगर परिषद मूंदी द्वारा वल्लभ नगर में अतिक्रमण हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर रहवासियों में भारी भय और असमंजस की स्थिति है। नगर परिषद द्वारा जारी नोटिसों के बाद सोमवार को दर्जनों प्रभावित नागरिक कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंवर उत्तमपाल सिंह पुरनी के नेतृत्व में पुनासा SDM शिवम प्रजापति से मिले और राहत की मांग की।
वैध पट्टाधारकों को नहीं हटाया जाएगा
SDM श्री शिवम प्रजापति ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा—
“जिनके पास वैध पट्टे हैं और वे स्वयं या उनके परिवारजन वहाँ रह रहे हैं, उन्हें नहीं हटाया जाएगा। लेकिन जिन लोगों ने दूसरों के नाम के पट्टे खरीदकर वहां मकान या दुकान बना ली है, वह नियम के खिलाफ है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
श्री प्रजापति ने कहा कि भौतिक एवं दस्तावेजीय सत्यापन के बाद ही कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी वैध पट्टाधारी के साथ अन्याय न हो।
बारिश के बीच बेदखली अमानवीय – कांग्रेस
कांग्रेस सचिव कुंवर उत्तमपाल सिंह ने SDM से आग्रह किया कि—
“हम प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण भी जरूरी है। मानसून शुरू हो चुका है, ऐसे में सैकड़ों परिवारों को उजाड़ना क्रूरता होगी। पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई — यही न्यायसंगत तरीका है।”
झुग्गीवासियों की आंखों में आंसू, हाथों में दस्तावेज़
रहवासियों ने SDM को अपने पट्टे, कब्जा प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और वर्षों की रसीदें बताते हुए निवेदन किया कि—
“हम गरीब हैं। बरसात में घर से निकालेंगे तो कहाँ जाएं? हमारे बच्चे, बुज़ुर्ग, महिलाएं – सबका जीवन संकट में आ जाएगा।”
वार्डवासियों का साथ
इस मौके पर वार्ड पार्षद आशीष गौरख, सलीम गौरी, सुनील तिवारी सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से प्रशासन से मानवीय संवेदना और न्यायपूर्ण कार्रवाई की अपील की।
मानवता हो प्राथमिकता: कांग्रेस
कांग्रेस नेता उत्तमपाल सिंह ने प्रशासन से अपील की कि—
“हम अतिक्रमण हटाने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यह कार्य बरसात के बीच न किया जाए। अगर करना आवश्यक हो, तो मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यहाँ वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों को एक झटके में बेघर करना क्रूरता होगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि—
“नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों को जनता के हित में काम करना चाहिए, न कि भूमाफियाओं की मदद कर गरीबों पर कार्रवाई करवानी चाहिए।”विज्ञापन
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