: सिनर्जी संस्थान द्वारा आयोजित युवा नेतृत्व क्षमता निर्माण कार्यशाला
Barkat Qureshi / Mon, Dec 9, 2024 / Post views : 193
सिनर्जी संस्थान द्वारा आयोजित युवा नेतृत्व क्षमता निर्माण कार्यशाला
हरदा (रहटगांव) – सिनर्जी संस्थान के किशोर किशोरी संसाधन केन्द्र द्वारा युवाओं के साथ रहटगांव स्थित पर्यावरण भवन में एक विशेष युवा नेतृत्व क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, लक्ष्य तय करने और अपने सपनों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यशाला में विभिन्न गांवों से आए युवा साथियों ने अपने सपनों, आकांक्षाओं और पहचान पर चर्चा की। इस सत्र के दौरान युवाओं ने अपने अंदर छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचाना और अपने लक्ष्य को निर्धारित किया। साथ ही, इस कार्यक्रम में सिनर्जी संस्थान द्वारा आयोजित समावेशी कप पर भी चर्चा हुई, जिसमें युवाओं का क्रिकेट के प्रति बहुत उत्साह देखने को मिला। युवाओं ने कहा कि वे अब अपनी गलतियों से सीखते हुए, अपनी टीम बनाकर आगामी टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और जीत हासिल करेंगे।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि लड़के-लड़कियों के बीच भेदभाव की दीवारें अब टूट चुकी हैं, और दोनों एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम को सभी युवाओं के सहयोग से सफलता मिली, जो इस बात का संकेत है कि वे अपने भीतर की शक्ति को पहचानकर एक सशक्त और सकारात्मक बदलाव की दिशा में काम करेंगे।
इस कार्यक्रम में सिनर्जी संस्थान से पप्पू पंवार, श्रीचंद पंवार, पृथी काजले, सरोज परते और रक्षा हिरवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।
हरदा (रहटगांव) – सिनर्जी संस्थान के किशोर किशोरी संसाधन केन्द्र द्वारा युवाओं के साथ रहटगांव स्थित पर्यावरण भवन में एक विशेष युवा नेतृत्व क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, लक्ष्य तय करने और अपने सपनों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यशाला में विभिन्न गांवों से आए युवा साथियों ने अपने सपनों, आकांक्षाओं और पहचान पर चर्चा की। इस सत्र के दौरान युवाओं ने अपने अंदर छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचाना और अपने लक्ष्य को निर्धारित किया। साथ ही, इस कार्यक्रम में सिनर्जी संस्थान द्वारा आयोजित समावेशी कप पर भी चर्चा हुई, जिसमें युवाओं का क्रिकेट के प्रति बहुत उत्साह देखने को मिला। युवाओं ने कहा कि वे अब अपनी गलतियों से सीखते हुए, अपनी टीम बनाकर आगामी टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और जीत हासिल करेंगे।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि लड़के-लड़कियों के बीच भेदभाव की दीवारें अब टूट चुकी हैं, और दोनों एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम को सभी युवाओं के सहयोग से सफलता मिली, जो इस बात का संकेत है कि वे अपने भीतर की शक्ति को पहचानकर एक सशक्त और सकारात्मक बदलाव की दिशा में काम करेंगे।
इस कार्यक्रम में सिनर्जी संस्थान से पप्पू पंवार, श्रीचंद पंवार, पृथी काजले, सरोज परते और रक्षा हिरवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।विज्ञापन
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