: हरदा पुलिस की मेहनत रंग लाई, वर्षों से फरार कई स्थायी वारंटियों को पकड़ा गया
Barkat Qureshi / Mon, Jun 9, 2025 / Post views : 231
हरदा पुलिस की मेहनत रंग लाई, वर्षों से फरार कई स्थायी वारंटियों को पकड़ा गया
हरदा से ब्यूरो चीफ गोपाल शुक्ला
संवेदनशीलता, सतर्कता और सतत निगरानी—इन तीन मूल मंत्रों के साथ हरदा पुलिस ने वर्षों से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव चौकसे के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान का परिणाम है, जिसमें जिले के सभी थानों के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा से जुटी थीं। पुलिस को मिली यह सफलता महज़ संयोग नहीं, बल्कि दिन-रात की कड़ी मेहनत, खुफिया जानकारी का सूक्ष्म विश्लेषण, लगातार निगरानी और फील्ड में जुटे पुलिसकर्मियों के समर्पण का परिणाम है। कई आरोपी तो एक दशक से फरार थे और कानून से बचने के लिए बार-बार पते बदलते रहे, लेकिन हरदा पुलिस की निगरानी से वे बच नहीं सके।
गिरफ्तार किए गए वारंटियों में शामिल हैं:
1. खुमान सिंह (57), डोमरी — 7 वर्षों से फरार, IPC की गंभीर धाराओं में वांछित।
2. आकाश धोबी (30), — 6 वर्ष से फरार, चेक बाउंस मामले में न्यायालय से जारी वारंट।
3. मुस्ताक शाह, मानपुरा — 7 वर्ष से फरार, मारपीट और धमकी जैसे आरोप।
4. सलीम खान (55), पाठक कॉलोनी — 10 वर्ष से फरार, गोवध और पशु क्रूरता अधिनियम में नामजद।
5. संतोष किरावर (49), बंगाली कॉलोनी — प्रकरण 11/2025, धारा 138 NI Act।
6. दिलीप जैन (60), निसारपुर — 12 वर्ष से फरार, आर्थिक अनियमितता का मामला।
7. दिनेश इवने (38), साईं आर्या कॉलोनी — चेक बाउंस केस में 4 वर्षों से वांछित।
8. कमल सिंह कलमें (40), भगवानपुरा — न्यायालय प्रकरण क्रमांक 695/24।
9. चंदर सिंह कलमें (24), भगवानपुरा — वही प्रकरण, सह-आरोपी।
10. जसबंत सिंह बेलदार (60) पहटकला — 7 वर्ष से फरार, मारपीट और धमकी जैसे आरोप।
11. रेखाबाई बेलदार (50) पहटकला — 7 वर्ष से फरार, मारपीट और धमकी जैसे आरोप।
इन सभी की गिरफ्तारी तब संभव हो सकी जब पुलिस टीमों ने न केवल उनके पुराने नेटवर्क की छानबीन की बल्कि लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। कुछ आरोपियों को पहचानने के लिए मौके पर सादी वर्दी में पुलिस को तैनात किया गया और तकनीकी साधनों का भी प्रभावी उपयोग किया गया।
एसपी श्री अभिनव चौकसे ने टीम को बधाई देते हुए कहा,
"यह सफलता पुलिस टीमों के दृढ़ संकल्प, सामूहिक प्रयास और जनता के सहयोग का प्रतिफल है। हमारी प्राथमिकता न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाना और कानून से भागने वालों को न्याय के दायरे में लाना है।"
हरदा से ब्यूरो चीफ गोपाल शुक्ला
संवेदनशीलता, सतर्कता और सतत निगरानी—इन तीन मूल मंत्रों के साथ हरदा पुलिस ने वर्षों से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव चौकसे के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान का परिणाम है, जिसमें जिले के सभी थानों के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा से जुटी थीं। पुलिस को मिली यह सफलता महज़ संयोग नहीं, बल्कि दिन-रात की कड़ी मेहनत, खुफिया जानकारी का सूक्ष्म विश्लेषण, लगातार निगरानी और फील्ड में जुटे पुलिसकर्मियों के समर्पण का परिणाम है। कई आरोपी तो एक दशक से फरार थे और कानून से बचने के लिए बार-बार पते बदलते रहे, लेकिन हरदा पुलिस की निगरानी से वे बच नहीं सके।
गिरफ्तार किए गए वारंटियों में शामिल हैं:
1. खुमान सिंह (57), डोमरी — 7 वर्षों से फरार, IPC की गंभीर धाराओं में वांछित।
2. आकाश धोबी (30), — 6 वर्ष से फरार, चेक बाउंस मामले में न्यायालय से जारी वारंट।
3. मुस्ताक शाह, मानपुरा — 7 वर्ष से फरार, मारपीट और धमकी जैसे आरोप।
4. सलीम खान (55), पाठक कॉलोनी — 10 वर्ष से फरार, गोवध और पशु क्रूरता अधिनियम में नामजद।
5. संतोष किरावर (49), बंगाली कॉलोनी — प्रकरण 11/2025, धारा 138 NI Act।
6. दिलीप जैन (60), निसारपुर — 12 वर्ष से फरार, आर्थिक अनियमितता का मामला।
7. दिनेश इवने (38), साईं आर्या कॉलोनी — चेक बाउंस केस में 4 वर्षों से वांछित।
8. कमल सिंह कलमें (40), भगवानपुरा — न्यायालय प्रकरण क्रमांक 695/24।
9. चंदर सिंह कलमें (24), भगवानपुरा — वही प्रकरण, सह-आरोपी।
10. जसबंत सिंह बेलदार (60) पहटकला — 7 वर्ष से फरार, मारपीट और धमकी जैसे आरोप।
11. रेखाबाई बेलदार (50) पहटकला — 7 वर्ष से फरार, मारपीट और धमकी जैसे आरोप।
इन सभी की गिरफ्तारी तब संभव हो सकी जब पुलिस टीमों ने न केवल उनके पुराने नेटवर्क की छानबीन की बल्कि लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। कुछ आरोपियों को पहचानने के लिए मौके पर सादी वर्दी में पुलिस को तैनात किया गया और तकनीकी साधनों का भी प्रभावी उपयोग किया गया।
एसपी श्री अभिनव चौकसे ने टीम को बधाई देते हुए कहा,
"यह सफलता पुलिस टीमों के दृढ़ संकल्प, सामूहिक प्रयास और जनता के सहयोग का प्रतिफल है। हमारी प्राथमिकता न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाना और कानून से भागने वालों को न्याय के दायरे में लाना है।"विज्ञापन
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