: 1.82 करोड़ की "स्क्रिप्टेड लूट" का पर्दाफाश!
Barkat Qureshi / Sun, Oct 5, 2025 / Post views : 288
- 1.82 करोड़ की "स्क्रिप्टेड लूट" का पर्दाफाश!
नकली चोट, झूठी कहानी और फर्जी लूट... लेकिन जीआरपी खंडवा ने खोल दी पूरी साजिश की परतें
खंडवा(लोकेंद्र तिरोले)रेल की पटरी पर दौड़ती एक ऐसी साजिश जिसे अंजाम देने वालों ने सोचा था कि वे पुलिस को चकमा दे देंगे, लेकिन जीआरपी खंडवा की सूझबूझ और सटीक जांच ने 1.82 करोड़ रुपये की फर्जी लूट का शानदार भंडाफोड़ कर दिखाया।
यह कोई फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि हकीकत में रची गई एक चालाक योजना थी, जिसमें खुद को घायल दिखाकर एक ज्वैलरी कारोबारी ने साथियों संग मिलकर सोने की चोरी को लूट का नाम देने की कोशिश की — मगर रेल पुलिस की तेज निगाहों से कोई बच नहीं पाया।
घटना ऐसे हुई स्क्रिप्टेड..
मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर सागर पारख नामक ज्वैलर्स व्यापारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि खंडवा के पास चलती ट्रेन में लुटेरों ने हमला कर 1.5 किलो सोना लूट लिया। लेकिन जब केस डायरी खंडवा जीआरपी पहुंची, तो थाना प्रभारी निरीक्षक प्रकाश चंद सेन के नेतृत्व में टीम ने गहराई से जांच शुरू की। फरियादी की कहानी में झोल निकले, और शक की सुई सीधी सागर पारख की तरफ घूम गई। फर्जी लूट, खुद की चोट, सोना ‘क्लियर’ कर दिया गया था! तहकीकात में खुलासा हुआ कि: फरियादी ने खुद को जान-बूझकर घायल किया।52 सोने की चूड़ियाँ और 35 अंगूठियाँ (कुल 1.5 किलो सोना) लूट की कहानी गढ़ने के लिए छुपा दी गईं।सारा माल कल्याण स्टेशन पर आरोपी प्रवीण ने अपने साथी को सौंप दिया था पुलिस टीम ने महाराष्ट्र-राजस्थान तक फैलाई जाल,साइबर सेल और आरपीएफ के सहयोग से पुलिस ने:,सागर पारख,संजय कुमार,प्रवीण कुमार, और राकेश जैन— सभी आरोपियों को धरदबोचा मुंबई, राजस्थान और खंडवा में एक साथ छापे मारकर 1.82 करोड़ रुपये का पूरा सोना बरामद कर लिया जप्त माल:1 किलो 500 ग्राम सोना बाजार मूल्य: ₹1,82,00,000/50,चूड़ियाँ: 52 नग, अंगूठियाँ: 35 नगइनकी भूमिका रही सराहनीय
थाना जीआरपी खंडवा, साइबर सेल भोपाल, व आरपीएफ टीम का सामूहिक प्रयास रहा ऐतिहासिक — जिनमें प्रमुख रहे: निरीक्षक प्रकाश चंद सेन,सउनि मकसूद,अब्दुल शरीफ,आर. कैलाश,संध्या गौतम,रवि राठौर,मेहफूज,भवप्रताप,गजेन्द्र अडकने,साइबर सेल: आर. अमित, शैलेंद्र चौधरी,आरपीएफ खंडवा: निरीक्षक संजीव कुमार,उनि ए.के. सिंह,पुलिस अधीक्षक रेल राहुल कुमार लोढ़ा का सख्त संदेश: > “रेल में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे षड्यंत्रों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी टीम हर परिस्थिति के लिए तैयार है।”निष्कर्ष:
यह केस न सिर्फ जीआरपी की कार्यकुशलता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून को गुमराह करने की कोई कोशिश बहुत दूर तक नहीं जा सकती।विज्ञापन
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