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Barkat Qureshi / Thu, Oct 24, 2024 / Post views : 478
*सेलगांव पंचायत मे पुलिया निर्माण मे उप सरपंच की मनमानी से भ्रष्टाचार की खुली पोल*
*पुरानी पुलिया की मरम्मत कर विधायक निधि के 20 लाख रुपए की राशि से पूल को बताया गया नया निर्माण*
*एसडीएम पल्लवी पुराणिक ने पूरा मामला लिया संज्ञान में जल्द होगी बड़ी कार्रवाई।*
*कमीशन हमाम में तथाकथित नेता टंडन का नाम सुर्खियों में-*
*जिला ब्यूरो चीफ सरिता राजेश जाधव*
बुरहानपुर:- पुर्व चुनाव आयुक्त टी एन शेषन के अमर वाक्य सरपंच ढह होता रोजनदार काम लो इनसे जोरदार का मुखोल उड़ाया जा रहा है। जिसका ज्वलंत उदाहरण सेलगांव पंचायत मे देखने को मील रहा है।
जन सुनवाई मे सेलगांव पंचायत के पुर्व सरपंच वर्तमान पंच वार्ड क्रमांक 2 ! के साथ सरपंच पति ने पुलिया निमार्ण को लेकर लगाई आपत्ती दर्ज करवाई है। इनके बयानों के आधार पर सेलगांव पंचायत का उप सरपंच महिला सरपंच के कार्यो मे हस्तक्षेप कर अपनी मनमानी चला रहा है इस उप सरपंच के हौसले इतने बुलंद हो गए है सरपंच दैनिक रोजगार पर काम पर जाकर काम करने को मजबूर हो गईं है।
जन सुनवाई मे दिए आवेदन मे जिला पंचायत सीईओ सृष्टि देशमुख के प्रश्नो के जवाब के बाद पत्रकारों को पुर्व सरपंच और वर्तमान पंच ने बताया की सेलगांव पंचायत मे 2016 - 17 मे उसके सरपंच काल मे पुलिया का निर्माण कार्य हुआ था। इस पुलिया के ऊपरी हिस्से मे बने डेम का पानी बहकर इस पुलिया से बहकर निकलने से ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। वर्तमान समय मे इसी मार्ग पर विधायक निधि से 20 लाख रुपए की राशि से पुलिया निर्माण होना है। उप सरपंच ने सारे नियमो को बलाए तांक पर रख सरपंच को विश्वास मे लिए बगैर पुलिया निर्माण शुरु करवा दिया है! पुलिया निर्माण मे पुरानी पुलिया के किनारे वाले हिस्से की मरम्मत कर पुरानी पुलिया के ऊपर ही रंग रोगन कर भ्रष्टाचार को श्रृंगार और पुर्व आयुक्त टी एन शेषण के अमर वाक्य सरपंच होता रोजनदार काम लो इनसे जोरदार का मुखोल उड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उप सपपंच वर्तमान पंच के साथ सरपंच पति की एक ही शिकायत है।
*जिले के बड़े नेताओ के संरक्षण मे फलीभूत उप सरपंच के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण पुलिया निर्माण से टपकते कमिशन का हिस्सेदार कौन कौन ? तथाकथित नेता टंडन कौन का नाम सुर्खियों में?*
क्या गलाकाट प्रतियोगिता और लोभ लालच मे अकूत धन जमा करने की लालसा पर रोक नही लगनी चाहीए.....
कबीर सांई इतना दीजिए जामे कुटुंब समाय मैं भी भूखा न रहूं साधु भी भूखा न जाए। पर अमल होना चाहिए।
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