Fri 17 Apr 2026
Logo
Breaking News Exclusive
104 में 104 छात्र पास, 73 ने प्रथम श्रेणी में मारी बाज़ी अम्बेडकर जयंती पर समाजकार्य स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थी ने रखें अपने विचार अवैध हथियारों के साथ युवक गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस ने दो देशी पिस्टल किए बरामद कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 29 धारदार तलवारों के साथ हरियाणा का युवक गिरफ्तार संकल्प से समाधान” अभियान के तहत नागरिकों के आवेदनों का किया जा रहा है निराकरण सरयूपारिण ब्राह्मण महिला मंडल का पारंपरिक हल्दी कुमकुम कार्यक्रम संपन् विशेष संवाददाता लोकेंद्र तिरोले विशेष संवाददाता लोकेंद्र तिरोले विशेष संवाददाता लोकेंद्र तिरोले संवाददाता लोकेंद्र तिरोले

: बूरहानपूर नगर निगम में वाक युद्ध और ज्ञापन का दौर शुरू क्या निगम अध्यक्ष के खिलाफ आ सकता है अविश्वास का प्रस्ताव

Barkat Qureshi / Sun, Oct 27, 2024 / Post views : 480

Share:
बूरहानपूर नगर निगम में वाक युद्ध और ज्ञापन का दौर शुरू क्या निगम अध्यक्ष के खिलाफ आ सकता है अविश्वास का प्रस्ताव  जिला ब्यूरो चीफ सरिता राजेश जाधव बुरहानपुर: त्योहारों का सीजन है शहर जगमग रोशनी से चमकने को आतुर खडा है। रोशनी के इस महापर्व पर शहर की नगर सरकार के नगर निगम मे वॉक युद्ध और ज्ञापन का दौर शुरु है। क्या निगम अध्यक्ष अध्यक्षीय भार उठा पाने मे अक्षम महसूस कर रहे है ? या किसी दबाव के कारण निर्णय लेने कंजूसी ! पुरे घटनाक्रम से प्रतीत हो रहा है बुरहानपुर नगर निगम अध्यक्ष को लेकर बनी किवदंती इस बार भी सच होती ही नजर आ रही है! अतीत मे निगम अध्यक्ष के कार्यकाल मे स्व. सत्यनारायण शर्मा, लक्ष्मी नारायण शर्मा, गौरी दिनेश शर्मा, मनोज तारवाला जैसे सजग नेता और नेत्री के अध्यक्ष पद के कार्यकाल को देखे तो इनमे से किसी ने भी राजनीती मे बड़े पद पर आसीन होने के बजाय हाशिए पर ही आए है ! मनोज तारवाला तो उस दल के भी नही रहे जिस दल ने इन्हें अध्यक्ष बनाया था।एक मात्र अपवाद सत्यनारायण शर्मा रहे है जिन्होंने राजनीती मे सम्मानजनक मुकाम हासिल कर वैकुंठ धाम की यात्रा पर निकल गए। वर्तमान निगम अध्यक्ष का कार्यकाल चल रहा है इस कार्यकाल मे आ रहे उतार चढाव से ऐसा दिखाई दे रहा है किवदंती असर कर रही है। क्योकी जिस दल का ये प्रतिनिधित्व कर रहे है उस दल के उंगली पर गिने जाने वाले नेताओ का ही इन्हें समर्थन मिला हुआ दिखाई पड़ता है! उसी प्रकार निगम मे शक्ति प्रदर्शन से लेकर ज्ञापन देने की बात हो कांग्रेस के पार्षदों की संख्या के अनुपात से इनके पक्ष मे संख्या कम ही नजर आईं है। 28 अगस्त और बीते दिनों परिषद् की मीटिंग का लब्बो लुहाब भी यही दर्शाता रहा है अध्यक्ष को लेकर सब कुछ ठीक ठाक नही है। सोशल मीडिया-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया - प्रिंट मीडिया - यू ट्यूबर मीडिया के प्रभुत्व वाले शहर बुरहानपुर मे जिस युग मे हम जी रहे है उस युग मे खोजी नजर और खोजी खबर से साक्षात्कार करवाने मे कोई कोर कसर नही रख दर्पण की तरह पूरे मसले को उकेर रहा है। पुरे मसले पर शहर की तासीर समझने का प्रयास मे महसूस किया शहर मे एक दो चेहरे है जिसे लोग पसंद करते है ,और उस पर भरोसा कर शहर का आम नागरिक मानता है यह वह चेहरे है जो कुछ कर दिखा सकते है। घटित घटना से प्रतीत होने लगा है कुछ तो गड़बड़ है या गड़बड़ आने वाले समय मे आ सकती है! सत्ता पक्ष का पार्षद हो या विपक्ष का पार्षद वह चाहता है शहर के साथ नगर के 48 वार्डो का विकास होकर मूलभूत सुविधा नाली, गली, रोशनी, और शीतल शुद्ध जले उसे मिले! और व्यवस्थित तरीके से अपनी और अपनो की बात रख सके। शहर को अब जुनूनी नेता के साथ निगम अध्यक्ष पद पर भी दरकार है ! यह भी हो सकता है निगम अध्यक्ष को कमजोर नेतृत्व क्षमता वाला बताने का षड्यंत्रपूर्ण प्रचार चला रखा हो! ऐसा कर निगम के 48 वार्डो के साथ शहर के मतदाताओं के साथ साथ सत्ता और विपक्ष के बीच निराशा भरी जा सके और इस खेल मे दोनो पार्टी के लोग शामिल हो ! उपजी या उपजाई गई रणनीति के तहत निगम अध्यक्ष (सभा पति) का मोबाईल वार्ता के बाद निर्णय लेने मे जल्दबाजी कर सदन स्थगित करना भी संशय पैदा कर रहा है। क्या यह सच नहीं इन्हें मोबाईल वार्ता के बजाय सियासी पिच पर स्वयं के विवेक से निर्णय लेने की क्षमता पैदा करनी होगी। बहराल आने वाले दिन जगमग रोशनी के साथ आतिशबाजियों के आ रहे है इन आतिशबाजियों मे अविश्वास का बम फूटता है तब परिवर्तन संभव है! अशीष का आशीर्वाद या अशीष को आशीर्वाद, निगम मे गौरव की महिमा करवाता है या धन की पुजा से धनराज उत्पन्न करवाता है आने वाले समय मे पता चल जायेगा।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें