हरदा में मुस्लिम तेली समाज की पहली इज्तेमाई शादी: 25 मई को होगा ऐतिहासिक आयोजन
संवाददाता: इस्हाक़ गौरी, मुंदी
कभी वक़्त के माथे पर ऐसा क़दम रखा जाता है, जो सिर्फ़ तारीख़ नहीं बदलता — बल्कि सोच बदल देता है।25 मई 2025 को हरदा में मुस्लिम तेली समाज की 53 गोत्र कमेटी एक ऐसा ही ऐलान करने जा रही है — जहां शादी रस्म नहीं, रहमत होगी। जहां ना शोर होगा, ना दिखावा — बस दिल से दिल तक जाती दुआ होगी। यह हरदा की पहली इज्तेमाई शादी है — मगर इसके मायने अनगिनत हैं। यह उन हज़ारों मां-बाप के आंसुओं का जवाब है, जो बेटियों की शादी की फिक्र में रातें जागते थे। अब उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं — बिना दहेज़, बिना तामझाम, सिर्फ़ इज़्ज़त और इबादत की सादगी में।---"शादी हो, मगर ऐसी — जो बोझ नहीं, बरकत बने" इस आयोजन में न बैंड बजेगा, न बारात निकलेगी। न आतिशबाज़ी होगी, न दिखावे की रौनक।यहां निकाह होगा शरीयत के मुताबिक़ — बुज़ुर्गों की सरपरस्ती और नौजवानों की मेहनत के साथ। कमेटी का संदेश सीधा है, लेकिन असरदार: > "हर बेटी की शादी हो — मगर कर्ज़ लेकर नहीं, इज़्ज़त और दुआओं के साये में।""निकाह की असल रूह दुआ है — और हम उसी रूह को फिर से ज़िंदा कर रहे हैं।"---20 मई तक रजिस्ट्रेशन — क्योंकि हर दिल को हक़ है खुशी का इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने के इच्छुक जोड़ों को 20 मई 2025 तक रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।आवश्यक दस्तावेज़:आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र,शैक्षणिक प्रमाण पत्र,वोटर आईडी,समग्र आईडी---हर कोने से उठेगी मोहब्बत की लहर यह इज्तेमाई शादी सिर्फ़ हरदा की नहीं, पूरे समाज की है।राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से मुस्लिम तेली समाज के लोग इसमें शरीक होंगे — ताकि समाज में जुड़ाव, यक़ीन और यकजहती का नया इतिहास लिखा जा सके। कमेटी के वरिष्ठ सदस्य नूर भिण्डसरा, शब्बीर खिलजी, इलियास चंदिजा, हाजी बफाती ने कहा: > "यह शादी नहीं, वो सुकून है — जिसका ख्वाब हर मां-बाप ने देखा है। जहां शादीशुदा जीवन की शुरुआत दिखावे से नहीं, दुआओं की मिट्टी से होगी।"---तोहफ़े में दुआएं मिलेंगी — जो हर गहने से ज़्यादा कीमती होंगी कमेटी के मार्गदर्शक:व वरिष्ठ सदस्य इखलाख चौहान, अब्दुल रहमान चौहान, हाजी आज़म चौहान, गब्बर गौरी, शाबिर गौरी, इलियास गौरी, युसुफ गौरी, सलीम गौरी (हरदा), शकील गौरी (सिवनी), सलीम गौरी, असलम चौहान, इलियास चौहान (टिमरनी) ने जानकारी दी कि अब तक 10 जोड़े रजिस्टर हो चुके हैं। ओर समाज के गणमान्यजनो व कमेटी की ओर से इन नवविवाहित जोड़ों को उपयोगी घरेलू सामग्री भेंट की जाएगी। लेकिन सबसे बड़ा तोहफ़ा होगा — सैकड़ों लोगों की दुआओं की चादर, जो हर नई शुरुआत का सबसे मुक़द्दस ज़ेवर होती है।ओर यह सिर्फ़ शादी नहीं, समाज में एक नई सुबह की दस्तक है।"--- शरीयत, सादगी और समाज — यही है इस इज्तेमाई शादी की असली पहचान सरवर चौहान (हरदा), मुन्ना गौरी और युसुफ गौरी (टिमरनी) ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के लिए इच्छुक परिवार उनसे व अन्य सदस्यो से संपर्क कर सकते हैं।यह आयोजन बी आर एल गार्डन, बिरजाखेड़ी पंप हाउस के पास, हरदा में मुनक्किद होगा। हाजी सुबराती गौरी टिमरनी ने कहा कियह शादी नहीं, एक नई सोच की बुनियाद है —जहां दुआएं मेहर बनेंगी, और सादगी समाज की शान।