सुनील छाबड़ा,हरीश पेसवानी पर हमला फिर FIR दर्ज – कब होगी कड़ी कार्रवाई?
हरदा। शहर में सुनील छाबड़ा पिता किशन चंद छाबड़ा, निवासी तिलक भवन चौराहा, जो चार्ली फैशन के नाम से रेडीमेड व्यवसाय करता है, एक बार फिर गंभीर आरोपों में घिर गया है।हरीश पेसवानी ने वताया की16 जनवरी 2025 की रात गोपी किशन मैरिज गार्डन में आयोजित विवाह समारोह में सुनील छाबड़ा ने हरीश पेशवानी के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना का वीडियो फुटेज भी मौजूद है। इसको लेकर 18 फरवरी 2024 को हरीश पेशवानी ने भारतीय न्याय संहिता (DNS) 2023 की धारा 296, 115(2), 351(2) के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।पहले भी कर चुका है जानलेवा हमला यह पहला मामला नहीं है। 25 अक्टूबर 2023 को भी सुनील छाबड़ा, गुलशन छाबड़ा, आकाश पाहुजा, रवि पाहुजा और अन्य गुंडों के साथ मिलकर हरीश पेशवानी पर जानलेवा हमला कर चुका है। इस हमले में हरीश पेशवानी को गंभीर चोटें आई थीं कई दिन इंदौर आईसीयू में भर्ती और कई महीने लगे थे ठीक होने में, जिसमें उनके हाथ की एक उंगली कट गई थी, इसके बाद मामला धारा 341, 294, 323, 324, 325, 326, 506, 34, 120-B के तहत दर्ज किया गया था। इस केस में न्यायालय में सुनवाई जारी है और सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।हरदा सिंधी समाज में अपराध का गढ़ बना सुनील छाबड़ा, पहले भी दर्ज हैं कई केस शहर में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त सुनील छाबड़ा और उसके साथियों का पुलिस रिकॉर्ड लंबा-चौड़ा है। उसके खिलाफ पास्को एक्ट के तहत भी मामले दर्ज हो चुके हैं। लगातार बढ़ती अपराधिक घटनाओं से सिंधी समाज में दहशत का माहौल बना हुआ है। सुनील छाबड़ा और उसके साथियों का आपराधिक रिकॉर्ड:1. सुनील छाबड़ा, पिता श्री विशनदास छाबड़ा, निवासी तिलक भवन चौराहा, हरदा2. गुलशन छाबड़ा, पिता श्री सुनील छाबड़ा, निवासी तिलक भवन चौराहा, हरदा3. लालचंद छाबड़ा, पिता श्री विशनदास छाबड़ा, निवासी बढ़ी सिंधी कॉलोनी, हरदाइन अपराधियों पर दर्ज मुकदमे:अपराध क्रमांक:0545/18 – धारा 294, 323, 506, 34 (31/07/2018)0266/19 – धारा 354 (घ), 294, 323, 506, 34, 11/12 पास्को एक्ट (28/05/2019)0386/19 – धारा 456, 294, 506 (14/08/2019)0414/19 – धारा 294, 456, 506 (14/09/2019)089/2019 – धारा 11005/2019 – धारा 122 GP.C (10/10/2019)990/19 – धारा 107-116(3) (07/06/2019)991/19 – धारा 107-116(3) (07/06/2019)992/19 – धारा 107-116(3) (07/06/2019)479/19 – धारा 107-116(3) (30/03/2019)724/18 – धारा 107-116(3)145 Cr.P.C – (22/09/2019)प्रशासन की निष्क्रियता पर उठ रहे सवालसुनील छाबड़ा और उसके गुंडे लगातार अपराधों में लिप्त हैं, लेकिन हर बार बच निकलते हैं। पुलिस ने धारा 110 के तहत कार्रवाई भी की, जिला बदर की प्रक्रिया तक शुरू हुई, लेकिन हर बार पैसे और राजनीतिक संरक्षण के दम पर यह कार्रवाई रुक जाती है।प्रश्न यह उठता है कि श्रीमान कलेक्टर और एसपी महोदय जहां अन्य अपराधियों को दो-चार मामलों में ही जिला बदर कर देते हैं, वहीं सुनील छाबड़ा पर 2018 से लेकर अब तक दर्जनों केस होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? आखिर कौन इन्हें बचा रहा है?शहर के आम नागरिक और सिंधी समाज इस मामले में प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।