राजस्थानी मुस्लिम तेली वेलफेयर सोसायटी आकोला का गठन, समाज के स्वाभिमान की नई शुरुआत
संवाददाता ईस्हाक गौरी मूंदी
राजस्थानी मुस्लिम तेली समाज की सामाजिक एकता, उत्थान और समग्र विकास हेतु "राजस्थानी मुस्लिम तेली वेलफेयर सोसायटी, आकोला" का गठन दिनांक 29 जून 2025 को सर्वसम्मति और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में किया गया। इस अवसर पर समाज के गणमान्यजनों, वरिष्ठजनों एवं युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।कभी-कभी कोई कदम सिर्फ एक संगठन नहीं बनाता, बल्कि दिलों को जोड़ता है। ऐसा ही एक ऐतिहासिक और आत्मीय क्षण आकोला में तब आया, जब राजस्थानी मुस्लिम तेली वेलफेयर सोसायटी का गठन हुआ — समाज की भलाई, तरक्की और एकता के लिए एक पवित्र संकल्प। यह महज़ एक सभा नहीं थी, यह एक भावना थी – हर उस व्यक्ति की जो चाहता है कि उसका समाज आगे बढ़े, संगठित हो और गर्व से सिर ऊँचा करे। कुछ तारीखें इतिहास नहीं, एहसास बन जाती हैं...29 जून 2025 – यही वो दिन था, जब राजस्थानी मुस्लिम तेली समाज ने आकोला की ज़मीन पर एकता, जागरूकता और जिम्मेदारी की नई इबारत लिखी। एक ऐसा संगठन बना — जो केवल पद नहीं देता, बल्कि समाज के सपनों को संरक्षित करता है। 🌟 नेतृत्व नहीं, सेवा का सौभाग्य मिला है...🔸 अध्यक्ष: मो. युनूस चौहान – जिनकी आवाज़ में सच्चाई है और आँखों में सेवा का सपना जिनके नेतृत्व में समाज को दिशा नहीं, दीवार मिलेगी — एक मज़बूत और सच्ची। यह कुर्सी नहीं, यह अमानत है। समाज ने जो भरोसा जताया है, उसे टूटने नहीं दूँगा। मेरी सांसें भी अगर समाज के काम आ जाएं, तो खुद को खुशनसीब समझूंगा।”अब एक परिवार है – जहाँ हर सदस्य की आवाज़ सुनी जाएगी, हर युवा को दिशा मिलेगी, हर बुजुर्ग को सम्मान मिलेगा, और हर जरूरतमंद को सहारा। 🔸 उपाध्यक्ष: मुन्ना गोरी – जो हर जरूरतमंद के लिए पहले से तैयार रहते हैं। जिनका चेहरा नहीं, चाल बताती है कि ये हर मोर्चे पर साथ होंगे।🔸 सचिव: जावेद खोकर (तेली) – जिनका लेखा-जोखा भी समाज की ईमानदारी दर्शाता है।जो शब्दों से नहीं, कार्यों से बोलते हैं।🔸 खजांची: हाजी ईद्रिस गोरी – जिनके हाथ में समाज की अमानत है। जिनके हाथ में समाज की पूंजी सुरक्षित है, और दिल में समाज की धड़कन।🔸 सह सचिव: जाकिर भाया खोकर –जो संवाद और समर्पण की मिसाल हैं। जिनका सलीका संवाद नहीं, संबंधों से जुड़ता है।🔸 कार्याध्यक्ष: हाजी मुनव्वर राना – जिनके होने से भरोसा आता है – “कोई है जो हर वक़्त हमारे लिए खड़ा है।” 🤝 साथ चलने वाले कंधे — सदस्यगण ..क़य्यूम कुछावा, रफीक खोकर, बिंदिया कासम चौहान, फिरोज चंदिजा, याकूब तिगाला, अमीन कुछावा, जाकिर चौहान, निसार चंदिजा, शहजाद जाटू – ये नाम नहीं, समाज की साँसें हैं। 🕊️ अध्यक्ष मो.युनुस चौहान ने इस अवसर पर कहा कि—"यह पद नहीं, यह वादा है – समाज के हर दुःखी चेहरे पर मुस्कान लौटाने का।अगर एक भी व्यक्ति को इस संगठन से संबल मिले, तो समझो मेरी ज़िंदगी सफल हो गई।"ओर यह दायित्व मेरे लिए सम्मान नहीं, बल्कि समाज की सेवा का अवसर है। मैं तन-मन-धन से समर्पित रहकर समाज के हर व्यक्ति तक संगठन की रोशनी पहुँचाने का संकल्प लेता हूँ। हम मिलकर तेली समाज को शिक्षित, सशक्त और संगठित बनाएंगे आप सभी का विश्वास और समर्थन मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका निर्वहन मैं पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से करूंगा। समाज की सेवा ही हमारा उद्देश्य है और हम सभी मिलकर संगठन को ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।” 🌍 दूर-दूर से जो मुबारकबादें आईं, वो दुआओं की तरह लगीं...राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सहित अनेक प्रदेशो से समाज के भाइयों ने बधाइयाँ भेजीं। जिनके दिलों की दुआएँ आज संगठन की नींव में शामिल हैं:सोसायटी के गठन की जानकारी मिलते ही देशभर से बधाइयों की बाढ़ आ गई। समाजजनों ने फोन, संदेश और सोशल मीडिया के माध्यम से नई कार्यकारिणी को 🔹 रऊफ तिगाला (खंडवा)🔹 सिराज गोरी (शिरपुर)🔹 गब्बर खत्री (मूंदी)🔹 उमर खोकर (आकोला)🔹 फारूक गौरी (जलगांव)🔹 फारूक तंवर पहलवान (बड़वाह)🔹 असलम जिन्द्ररान (पुनासा)ने दिल से मुबारकबाद दी। 🕌 अब नया सूरज निकला है...❝ अब कोई अकेला नहीं होगा, कोई अनपढ़ नहीं रहेगा, कोई आवाज़ दबेगी नहीं – क्योंकि अब हमारा अपना संगठन है, अपनी ताक़त है। ❞❝ तेली समाज अब जागा है – और जागे हुए समाजों को कोई रोक नहीं सकता। ❞ 📜 ये बस शुरुआत है...राजस्थानी मुस्लिम तेली समाज अब इतिहास नहीं, भविष्य लिखने निकला है।जहाँ सेवा होगी, शिक्षा होगी, सम्मान होगा –और सबसे बढ़कर, संगठन से निकली एकजुटता की आवाज़ पूरे प्रदेश में गूंजेगी।